तुलसी (Tulsi in Hindi)

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तुलसी (Tulsi in Hindi) का क्या उपयोग है?

तुलसी पवित्र तुलसी के रूप में जानी जाती है जो दो रंगों में पाई जाती है , हरी को लक्ष्मी तुलसी और बैंगनी को  कृष्णा तुलसी कहा जाता है। तुलसी का आयुर्वेद में एक विशेष स्थान है और यह भारत में एक पवित्र संयंत्र के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह :

  • बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण, एलर्जी से बचाता है।
  • प्रतिरक्षा को मजबूत
  • तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप कम करता है।
  • शरीर विषाक्त पदार्थों को शुद्ध करता है 
  • त्वचा विकार, खुजली, दाद का इलाज करता है ।
  • बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, जुकाम, खांसी, और फ्लू और सीने में जकड़न से छुटकारा दिलाता है।
  • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, गुर्दे की पथरी, हेपेटाइटिस, मलेरिया, तपेदिक जैसी सांस की संरेखण को ठीक करता है।
  • पाचन शक्ति बढाता है ।

तुलसी (Tulsi in Hindi) के दुष्प्रभाव क्या हैं?

तुलसी के अति प्रयोग से पेट और योनि में जलन हो सकती है।

तुलसी (Tulsi in Hindi) के मतभेद क्या हैं?

तुलसी का कोई भी मतभेद आज तक उल्लेख नहीं किया गया  है।

तुलसी (Tulsi in Hindi) का क्या उपयोग है?

तुलसी पवित्र तुलसी के रूप में जानी जाती है जो दो रंगों में पाई जाती है , हरी को लक्ष्मी तुलसी और बैंगनी को  कृष्णा तुलसी कहा जाता है। तुलसी का आयुर्वेद में एक विशेष स्थान है और यह भारत में एक पवित्र संयंत्र के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह :

  • बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण, एलर्जी से बचाता है।
  • प्रतिरक्षा को मजबूत
  • तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप कम करता है।
  • शरीर विषाक्त पदार्थों को शुद्ध करता है 
  • त्वचा विकार, खुजली, दाद का इलाज करता है ।
  • बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, जुकाम, खांसी, और फ्लू और सीने में जकड़न से छुटकारा दिलाता है।
  • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, गुर्दे की पथरी, हेपेटाइटिस, मलेरिया, तपेदिक जैसी सांस की संरेखण को ठीक करता है।
  • पाचन शक्ति बढाता है ।

तुलसी (Tulsi in Hindi) के दुष्प्रभाव क्या हैं?

तुलसी के अति प्रयोग से पेट और योनि में जलन हो सकती है।

तुलसी (Tulsi in Hindi) के मतभेद क्या हैं?

तुलसी का कोई भी मतभेद आज तक उल्लेख नहीं किया गया  है।